शाम को द्वार अधीर केतलियों की तरह गुनगुनाते हैं। कोई नहीं जानता उनमें क्या पक रहा है।
दुनिया की बातेंजादू और जादूगर14 सितम्बर 2026 शाम को द्वार अधीर केतलियों की तरह गुनगुनाते हैं। कोई नहीं जानता उनमें क्या पक रहा है।