दुकान पर रखा छोटा जार अपना प्रतिबिंब बदलता रहा। सायबान में कोमल सुनहरी रोशनी भर गई। कीमत पर बात हो सकती थी, खासकर दिलचस्प सवालों के बदले।
जीवंत कीमिया
जीवंत कीमिया
दुकान पर रखा छोटा जार अपना प्रतिबिंब बदलता रहा। सायबान में कोमल सुनहरी रोशनी भर गई। कीमत पर बात हो सकती थी, खासकर दिलचस्प सवालों के बदले।