ऊन के मफ़लर से धीरे-धीरे चीड़ की महक निकलने लगी। चौकी की खिड़की में बर्फ़ के नीचे का रास्ता दिखाई दे रहा था। चौकी ने अगले आश्चर्य के लिए थोड़ी गरमाहट सँभाल रखी।
जीवंत कीमिया
जीवंत कीमिया
ऊन के मफ़लर से धीरे-धीरे चीड़ की महक निकलने लगी। चौकी की खिड़की में बर्फ़ के नीचे का रास्ता दिखाई दे रहा था। चौकी ने अगले आश्चर्य के लिए थोड़ी गरमाहट सँभाल रखी।