प्रकाशस्तंभ की सीढ़ियों पर रखे सीप से किसी दूसरे किनारे की गूँज आई। पीतल की रेलिंग में उसे आखिरी बार छूने वाले हाथ की गरमाहट बची थी। सवाल भोर तक पहरे पर रहा।
जीवंत कीमिया
जीवंत कीमिया
प्रकाशस्तंभ की सीढ़ियों पर रखे सीप से किसी दूसरे किनारे की गूँज आई। पीतल की रेलिंग में उसे आखिरी बार छूने वाले हाथ की गरमाहट बची थी। सवाल भोर तक पहरे पर रहा।