भूला हुआ पंख-कलम पास की दवात की ओर लुढ़का। ऐसी किताब से निशानी गिरी जिसे खोलना किसी को याद नहीं था। वाचनालय ने बंद होने तक राज़ बचाए रखा।
जीवंत कीमिया
जीवंत कीमिया
भूला हुआ पंख-कलम पास की दवात की ओर लुढ़का। ऐसी किताब से निशानी गिरी जिसे खोलना किसी को याद नहीं था। वाचनालय ने बंद होने तक राज़ बचाए रखा।