वेधशाला की दूरबीन आकाश के अनदेखे हिस्से की ओर मुड़ी। हाशिए के नोट जगह बनाने के लिए खिसक गए। जवाब के बजाय सवालिया निशान ज़्यादा ईमानदार लगा।
जीवंत कीमिया
जीवंत कीमिया
वेधशाला की दूरबीन आकाश के अनदेखे हिस्से की ओर मुड़ी। हाशिए के नोट जगह बनाने के लिए खिसक गए। जवाब के बजाय सवालिया निशान ज़्यादा ईमानदार लगा।