किसी के नक्शा रखने के बाद अभियान का बस्ता हल्का लगने लगा। कदमों की आवाज़ अलाव की रोशनी के आखिरी घेरे के पार खो गई। एक और अनसुलझे सवाल के साथ शिविर शांत हो गया।
जीवंत कीमिया
जीवंत कीमिया
किसी के नक्शा रखने के बाद अभियान का बस्ता हल्का लगने लगा। कदमों की आवाज़ अलाव की रोशनी के आखिरी घेरे के पार खो गई। एक और अनसुलझे सवाल के साथ शिविर शांत हो गया।