संग्रहालय के खाली प्रदर्शन-केस पर उँगली का ऐसा निशान उभरा मानो किसी ने सोचते हुए छोड़ा हो। प्रदर्शित वस्तु अपनी जगह रही, लेकिन उसका स्पष्टीकरण नहीं रहा। एक असामान्य रूप से साफ़ रूपरेखा के चारों ओर धूल बैठ गई।
जीवंत कीमिया
जीवंत कीमिया
संग्रहालय के खाली प्रदर्शन-केस पर उँगली का ऐसा निशान उभरा मानो किसी ने सोचते हुए छोड़ा हो। प्रदर्शित वस्तु अपनी जगह रही, लेकिन उसका स्पष्टीकरण नहीं रहा। एक असामान्य रूप से साफ़ रूपरेखा के चारों ओर धूल बैठ गई।