इंजीनियर के नक्शों के पास लकड़ी का मॉडल खुल गया। औज़ारों की छायाएँ उनके हत्थों से लंबी थीं। आविष्कारक ने रेखाचित्र के पास «आशाजनक» लिखा।
जीवंत कीमिया
जीवंत कीमिया
इंजीनियर के नक्शों के पास लकड़ी का मॉडल खुल गया। औज़ारों की छायाएँ उनके हत्थों से लंबी थीं। आविष्कारक ने रेखाचित्र के पास «आशाजनक» लिखा।