बाहर, हवा कदमों के आखिरी निशान मिटा रही थी। चौकी की खिड़की में बर्फ़ के नीचे का रास्ता दिखाई दे रहा था। किसी ने सर्दियों से तुरंत अपना कारण बताने को नहीं कहा।
जीवंत कीमिया
जीवंत कीमिया
बाहर, हवा कदमों के आखिरी निशान मिटा रही थी। चौकी की खिड़की में बर्फ़ के नीचे का रास्ता दिखाई दे रहा था। किसी ने सर्दियों से तुरंत अपना कारण बताने को नहीं कहा।