वेधशाला की खिड़की पर एक अनजानी रोशनी ठहरी। हाशिए के नोट जगह बनाने के लिए खिसक गए। जवाब के बजाय सवालिया निशान ज़्यादा ईमानदार लगा।
जीवंत कीमिया
जीवंत कीमिया
वेधशाला की खिड़की पर एक अनजानी रोशनी ठहरी। हाशिए के नोट जगह बनाने के लिए खिसक गए। जवाब के बजाय सवालिया निशान ज़्यादा ईमानदार लगा।